सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान फैली हिंसा, आगजनी व अरबों रूपये की सरकारी व निजी सम्पत्ति को पहुंचाया गया नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों की धरपकड़ की जा रही है। क्या पुलिस किसी जुर्म के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को सिर्फ तब ही गिरफ्तार करेगी जब उसे सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलेगा। और अब सारे बडे गुर्जर नेता अन्दर ग्राऊंड हो गए हैं हो गए हैं और जो सांसद या विधायक हैं वो बस पुलिस के खिलाफ अभियान चला रहे हैं कि पुलिस बेकसूर लोगों को खास तौर पर गुर्जर नवयुवकों को परेशान कर रही है।
वाह मेरे शेर गुर्जरो अब गीदड़ बने हो।
मेरा सुझाव- पुलिस को लाठी बंदूक कि बजाये कैमरे अपने साथ रखने चाहिएँ शायद कैमरे कि नज़र से बचना पुलिस के डंडे से बचने से भी ज्यादा मुश्किल होगा।
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